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परिचय
मन पखेरू
मैं हूँ जमीन बंजर, मुझे क्या कोई परवाह, घटा छाए तो क्या, धूप आये तो क्या ?श्रेणी
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प्रतिक्रिया
Nishant on किस्मत Rahul Sharma on सूजन मेरे ‘पैरों’… suneeta on कहो किन ‘सपनों’ से… राजेश 'आर्य' on कहो किन ‘सपनों’ से… pratima dwivedi on कुछ मेरे बारे में -
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Category Archives: हास्य – व्यंग्य
परिणीती
बहस हुई कि क्या होती है प्रेम की परिणीती, तो मैंने भी सुना दी अपनी आपबीती | कि मैं भी पड़ा था एक बार एक लड़की के प्रेमजाल में, वो लड़की जो पढ़ती थी, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में | … Continue reading
