Category Archives: जीवन एक सफ़र

क्यों ?

अब पलकें भीगती नहीं, किसी अपने के दूर जाने पर | अपना दायरा बढ़ा है, या कि अपने जज्बात सिमटे हैं ? – राजेश ‘आर्य’

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किस्मत

हर ऊँचाई को जब मैंने छुआ, संग कायनात थी | मेरे जनाज़े पे कोई ना आया, किस्मत की बात थी | – राजेश ‘आर्य’

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चक्र

शान्ति जन्म आंसू ख़ुशी उत्साह उमंग जोश मिलन विरह उम्मीद ठेस अहम प्यार राग द्वेष हंसी आंसू सुख दुःख आशा कुंठा तनाव क्षोभ क्रोध क्षमा हार जीत कलह पीड़ा वेदना दर्द मृत्यु शान्ति

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दृष्टिकोण

ज़िन्दगी तुमने कब खोजना चाहा था मुझे मैं तो यूँ ही मिल गया था राह में उस रोज जब तेरी लहरें छू के गई थी मेरे रेत के टीले को वो टूट तो गया था लेकिन लगा एक मकसद मिल … Continue reading

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जीवन जैसा मैं देखता हूँ

जीवनरंगीन चश्मे से झांकता स्वप्नयाअंधी आँखों का यथार्थ | जीवन – ‘जी’ लेने को अंधाधुंध दौड़ या चार पहियों पर चलता अपाहिज | जीवनकुदरत के भेजे कुछ सुन्दर फूलयाबेरुखी से फ़ेंक दिए गए अनगिनत कंकड़ | जीवनएक बेबाक व्याख्यायापरिभाषा को … Continue reading

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गुजारिश

ज़िन्दगी यूँ दौडी कि कौन, कब, कहाँ याद रहे,न तो जमीं याद रही ना आसमा याद रहे |इक तकल्लुफ देना ज़िन्दगी मेरी साँसों को,वो जब भी उठे, मेरे दोनों जहाँ याद रहे | जो भटक जाऊँ कभी अपने पथ से,मुझे … Continue reading

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मेरा पुनर्जन्म होगा

हाँ मेरा पुनर्जन्म होगाक्योंकि कुछ खुशियाँ रह गई हैंबस चेहरे पर तैरते-तैरते |क्योंकि कुछ बाकी रह गए हैं आंसूआंखों से निकलने |क्योंकि मेरे आँख मूंदने से ठीक पहले तककुछ सपने साफ़ छलक रहे थे उनमे | मेरा पुनर्जन्म होगाचाहे मेरे … Continue reading

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फुचिया

आज ‘कचरे’ से पालीथीन बीनते -बीनतेवो आगे निकल गईकुछ गालियाँ बुदबुदाते हुए ,अपने आप कोया किसको मालूम नही ? जाने क्या हो गया है लोगों कोआजकल पालीथीन भी कम मिलते हैंइस ढेर में |कुछ दिनों पहले सुना थाटीवी में कुछ … Continue reading

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साक्षी

परछाई ,तू साक्षी हैउस निर्मम धूप कीजिसकी उष्मा मेंमेरा स्वप्न झुलस कर रह गया मैं लेटा थाजिन अपनों की छतरी के निचेबेसुध,वे धूप कड़ी होते हीसमेट लिए गए,और मैं पड़ा रहा आँखें तब खुलींजब घुटता हुआ पायाअपनी आत्मा को,अपने सपनों … Continue reading

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बंधन

जीवन! अनुभवों की लंबी शृंखला, महसूस करना किसी को अपने हृदय में ; देखना किसी को स्वयं से ही जुड़ा हुआ; सोचना किसी को कभी यूँ ही अचानक ; सीखना किसी से हर पल जीने की अदा ; लड़ना किसी … Continue reading

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