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परिचय
मन पखेरू
मैं हूँ जमीन बंजर, मुझे क्या कोई परवाह, घटा छाए तो क्या, धूप आये तो क्या ?श्रेणी
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प्रतिक्रिया
Nishant on किस्मत Rahul Sharma on सूजन मेरे ‘पैरों’… suneeta on कहो किन ‘सपनों’ से… राजेश 'आर्य' on कहो किन ‘सपनों’ से… pratima dwivedi on कुछ मेरे बारे में -
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Daily Archives: मई 19, 2011
सूजन मेरे ‘पैरों’ में
कोशिश जीवन-पथ पर चलने की और ये सूजन मेरे ‘पैरों’ में, आ जाओ पीड़ा बस जाओ है आँखें खुली अब सहरों में | लम्हे अब कैसे छीनोगे हर सांस को अब मैं जीता हूँ, तुम कहते थे न मैं संगदिल … Continue reading
