Daily Archives: मार्च 2, 2011

शिव यह पीड़ा अब नहीं !!

बन गया है नासूर यह, शिव यह पीड़ा अब नहीं | तुम लो रतन, मैं पीयूं हलाहल, यह देव-दानव क्रीडा अब नहीं | भयाक्रांत है हर जीव यहाँ, आतंक से दिल फट रहा | धोखा-धडी बस गया खून में, विश्वास … Continue reading

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