Daily Archives: मार्च 1, 2011

क्यों ?

अब पलकें भीगती नहीं, किसी अपने के दूर जाने पर | अपना दायरा बढ़ा है, या कि अपने जज्बात सिमटे हैं ? – राजेश ‘आर्य’

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किस्मत

हर ऊँचाई को जब मैंने छुआ, संग कायनात थी | मेरे जनाज़े पे कोई ना आया, किस्मत की बात थी | – राजेश ‘आर्य’

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