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परिचय
मन पखेरू
मैं हूँ जमीन बंजर, मुझे क्या कोई परवाह, घटा छाए तो क्या, धूप आये तो क्या ?श्रेणी
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प्रतिक्रिया
Nishant on किस्मत Rahul Sharma on सूजन मेरे ‘पैरों’… suneeta on कहो किन ‘सपनों’ से… राजेश 'आर्य' on कहो किन ‘सपनों’ से… pratima dwivedi on कुछ मेरे बारे में -
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क्या कहें
क्या कहें कि तुम्हारा एहसास नहीं हो पाता जब तक कि सामने ना आ जाओ याकि एहसास करना नहीं चाहता क्योंकि साहस नहीं तुम्हारी बताई राह पर चलने का क्या कहें कि मैं भूल गया हूँ कि मैं कौन हूँ … Continue reading
Posted in कविता, धर्म अध्यात्म, प्रेरणा-संकल्प
Tagged आर्य, कविता, गायत्री परिवार, बसंत पंचमी, राजेश, श्रीराम शर्मा आचार्य, emotion, Hindi, Poem, Poetry
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